कई महान हस्तियों के निधन का गवाह बना अगस्त का महीना

नई दिल्ली। विगत 18 दिनों के अंदर 9 हस्तियां इस दुनिया को अलविदा कह अनंत यात्रा पर निकल गईं। अगस्त का महीना कई महान हस्तियों के निधन का गवाह बना है।  आधुनिक भारत के बेहतरीन राजनेताओं में से तीन का निधन इस महीने में हुआ है। पहले तमिलनाडु के दिग्गज नेता और पांच बार मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि का निधन हुआ। देश अभी उनका शोक मना रहा था कि कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और 10 बार सांसद रहे लोकसभा के पूर्व स्पीकर सोमनाथ चटर्जी का कोलकाता में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। उसके बाद गत 16 अगस्त काे भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने दुनियां काे अलविदा कह दिया।
एम करुणानिधि
तमिलनाडु के पांच बार मुख्‍यमंत्री रहे और ‘कलाईनार’ के नाम से मशहूर डीएमके के प्रेजिडेंट मुथुवेल करुणानिधि का मंगलवार यानी 7 अगस्त की शाम चेन्‍नै के कावेरी हॉस्पिटल में 94 साल की अवस्‍था में निधन हो गया था।
 साहित्य, सिनेमा से होते हुए राजनीति में बुलंदियों पर पहुंचने वाले करुणानिधि काफी दिनों से बीमार चल रहे थे । द्रविड़ आंदोलन की उपज एम करुणानिधि अपने करीब 6 दशकों के राजनीतिक करियर में ज्यादातर समय राज्‍य की सियासत का एक ध्रुव बने रहे। वह 50 साल तक अपनी पार्टी डीएमके के प्रेजिडेंट रहे। तमिल सिनेमा से राजनीति में कदम रखने वाले करुणानिधि करीब छह दशकों के अपने राजनीतिक जीवन में एक भी चुनाव नहीं हारे थे।
सोमनाथ चटर्जी

वह हिंदू महासभा के अध्यक्ष के बेटे थे लेकिन अपनी राजनीति के लिए उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी को चुना। जी हां,मैं बात कर रहा हूं सांमनाथ चटर्जी के बारे में। लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का 13 अगस्त काे निधन हो गया। वह 89 साल के थे। चटर्जी लंबे समय से बीमार चल रहे थे।

दिल का हल्का दौरा पड़ने के बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्‍हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चटर्जी 1968 में सीपीआई (एम) में शामिल हुए थे और 2008 में पार्टी से निकाले जाने तक रहे। वे 10 बार लोकसभा सांसद चुने गए थे। चटर्जी ने पहली बार 1971 में लोकसभा चुनाव लड़ा था। दिलचस्प है कि उन्होंने अपने पिता एनसी चटर्जी की मौत से ख़ाली हुई सीट पर चुनाव लड़ा था।

अटल बिहारी वाजपेयी

16 अगस्त को भारत ने एक अनमोल रत्न खो दिया। अटल बिहारी वाजपेयी, जिन्होंने बीजेपी को शून्य से शिखर पर पहुंचा दिया था, उन्होंने 16 अगस्त को शाम 5 बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांस ली। वे पिछले नौ साल से आम लोगों की नजरों से दूर थे और पिछले दो महीने से तो एम्स में भरती थे।

अटल बिहारी वाजपेयी 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए थे। बता दें कि अटल 1999 से 2004 तक बतौर प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूर्ण करने वाले पहले और अभी तक एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता हैं। 25 दिसंबर, 1924 में जन्मे वाजपेयी ने भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए 1942 में भारतीय राजनीति में कदम रखा था। देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुरुवार 16 अगस्त को अंतिम सांस ली। वह दिल्ली के खिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती थे। उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। 5 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। इस ख़बर को सुनकर मानो देश भर की धड़कन थम गई हो।

आरके धवन

इंदिरा गांधी के निजी सचिव रहे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता 81 वर्षीय आरके धवन का 6 अगस्‍त को निधन हो गया। पंजाब यूनिवर्सिटी से स्नातक आरके धवन 1962 से 1984 तक इंदिरा के निजी सचिव रहे। वह 1990 में राज्यसभा के लिए चुने गए। इसके अलावा वह कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे।

वह राज्यसभा के सांसद भी रहे थे।
वीएस नायपॉल

साहित्य का नोबल पुरस्कार जीतने वाले भारतीय मूल के प्रसिद्ध लेखक वीएस नायपॉल का 12 अगस्त को निधन हो गया था। 85 वर्षीय नायपॉल ने लंदन स्थित अपने घर में आखिरी सांस ली।

नायपॉल को 1971 में बुकर प्राइज और साल 2001 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

बलराम दास (बीडी) टंडन

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलराम दास (बीडी) टंडन का 14 अगस्त को रायपुर में निधन हो गया। 90 वर्षीय बीडी टंडन को मंगलवार सुबह हार्टअटैक आया था, जिसके बाद उन्हें रायपुर के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

बीडी टंडन 1953 से 1967 के दौरान अमृतसर में नगर निगम पार्षद और 1957, 1962, 1967, 1969 तथा १९७७ में अमृतसर से विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। 1997 के विधानसभा चुनाव में टंडन राजपुरा विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए थे। वह पंजाब के उपमुख्यमंत्री भी रह चुके थे। टंडन 1979 से 1980 के दौरान पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे।
अजीत वाडेकर

राजनीतिक से अलग खेल की दुनिया के सबसे चमकदार सितारों में से एक अजित वाडेकर का निधन 15 अगस्‍त को हो गया। वे 77 वर्ष के थे।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अजीत वाडेकर ने मुंबई के जसलोक में अंतिम सांस ली। वह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। वाडेकर ने 1966 से 1974 तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। उनकी कप्तानी में ही भारत ने विदेशी धरती पर टेस्ट मैच जीतना सिखा था। इंगलैंड और वेस्टइंडीज में उनकी कप्तानी में भारत ने मैच जीते थे।
साहब सिंह चौहान
पूर्वी दिल्ली से पांच बार विधायक रहे साहब सिंह चौहान का गुरुवार यानी 16 अगस्त काे निधन हो गया।
वह काफी समय से बीमार चल रहे थे और कैंसर से पीड़ित थे। वैशाली के मैक्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वे ६८ वर्ष के थे। चौहान उत्तर पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार और घोंडा विधानसभा क्षेत्र से 1993 से 2013 के बीच 5 बार लगातार विधायक चुने गये थे।
कोफी अन्नान

संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव और शांति प्रयासों के लिए नोबेल सम्मान से सम्मानित कोफी अन्नान का 80 साल की उम्र में 18 अगस्त काे निधन हो गया। मूल रूप से घाना के रहनेवाले कोफी अन्नान को वैश्विक स्तर पर शांति प्रयासों और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है।

अन्नान पहले अफ्रीकी मूल के संयुक्त राष्ट्र महासचिव थे। उन्होंने लगातार दो टर्म 1997 से 2006 तक महासचिव का पदभार संभाला। महासचिव रहने के दौरान उन्होंने 2015 तक वैश्विक गरीबी को कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया था।

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