राज्य महिला आयोग ने किया 4 मामलों का निराकरण   पति से प्रताड़ित महिला को अगली सुनवाई तक के लिए सखी वन स्टाफ सेंटर भेजा गया

 

रायपुर, 19 अगस्त 2020 छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती खिलेश्वरी किरण द्वारा आज संयुक्त रूप से सुनवाई कर महिला प्रताड़ना से संबंधित चार मामलों का सफल निराकरण किया गया। महिला आयोग में प्रकरणों की सुनवाई के दौरान इच्छा मृत्यु की मांग को लेकर उपस्थित हुईं एक महिला की मनोदशा को देखते हुए अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आगामी सुनवाई तक उसे सखी वन स्टाफ सेंटर में रखवाने के निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आज कुल 20 प्रकरणों की सुनवाई रखी गई थी, जिसमें से 14 मामलों से संबंधित पक्षकार उपस्थित हुए। सुनवाई में 4 प्रकरणों का निराकरण किया गया। यह प्रकरण पति-पत्नी विवाद, दैहिक शोषण, मारपीट, दहेज प्रताड़ना, कार्य स्थल पर प्रताड़ना व घरेलू हिंसा से संबंधित थे। प्रकरणों की सुनवाई के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के साथ ही सेनेटाईजर एवं अन्य आवश्यक प्रबंध किए गए थे। आयोग के समक्ष एक आवेदिका इच्छा मृत्यु की मांग को लेकर उपस्थित हुई। इस आवेदक महिला को उसके पति द्वारा गुमराह कर अकेला छोड़ दिया गया है। महिला के साथ लगातार मानसिक व घरेलू हिंसा की जा रही है। आयोग के न्यायपीठ ने इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए महिला के पति को तत्काल सुनवाई स्थल पर तलब कर मामले की सुनवाई भी की। संबंधितों को आगामी सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश देने के साथ ही आवेदिका की मनोदशा को देखते हुए उसे अगली सुनवाई तक के लिए सखी वन स्टाफ सेंटर भेजा गया है। महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न एवं प्रताड़ना से संबंधित मामलों में आयोग द्वारा तत्परता से कार्रवाई की जा रही है। प्रताड़ित एवं समस्याग्रस्त महिलाए आयोग ने निःसंकोच अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह देखा जा रहा है कि महिला आयोग में पुरूषों द्वारा भी आवेदन दिए जा रहे हैं, जिसमें अधिकांशतः महिला के द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत होती है। आयोग द्वारा ऐसे आवेदनों को संज्ञान में नहीं लिया जाता है।

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