Big breking: 19 सितंबर से प्रदेश के 13000 NHM स्वाथ्य कर्मी रहेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल में, कोरोना नियंत्रण मे पडेगा बडा प्रभाव

रायपुर। – छत्तीसगढ़ स्वास्थ विभाग अंतर्गत संचलित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ, टीकाकरण,परिवार नियोजन, गैर संचारी रोग,क्षय नियंत्रण,तम्बाखू नियंत्रण कार्यक्रम,राष्ट्रीय बाल स्वास्थ, पोषण नियंत्रण कार्यक्रम सहित कई महत्वपूर्ण शाखाएं होंगी बुरी तरह से प्रभावित।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों के संगठन द्वारा तय किये गए अनिश्चितकालीन हड़ताल अब 19 सितंबर से आरंभ होने जा रही है, जिसमे ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के राष्ट्रीय संविदा मिशन स्वास्थ्य कर्मी , प्रबंधन इकाई,चिकित्सक, सहायक चिकित्सक,दंत चिकित्सक,ग्रामीण चिकित्सा सहायक,स्टाफ नर्स,लैब टेक्नीशियन,एएनएम,फार्मासिस्ट,काउंसलर,कार्यक्रम प्रबंधक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, डाटा मैनेजर,एकाउंट मैनेजर, पीएडीए, इत्यादि अपने नियमितीकरण के सम्मान को हासिल करने के लिये संघ के साथ सम्मिलित होंगे।

इस कोरोना कालखंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मियों द्वारा लगातार कई महीनों से अनवरत 12 से 15 घण्टे की सेवाएं दी जा रही है, इनमें से कई खुद कोरोना के शिकार भी बन चुके है, परन्तु शासन और प्रशासन के अड़ियल व्यवहार के कारण, इन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाना पड़ रहा है।
इनकी एक ही मांग है, जो कि वर्तमान सरकार के घोषणा पत्र में भी उल्लेखित है, सभी संविदा अनियमित कर्मियों को किया जाएगा नियमित। इसी बीच राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत नई भर्ती करने की प्रक्रिया आरम्भ कर दिया गया, जिसके तारतम्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा संगठन द्वारा उनके कर्मचारियो के समायोजन और नियमितीकरण करने हेतु शासन और प्रशासन से गुहार भी लगाई गई, परन्तु शासन के ढीले ढाले रवैये और नियमितीकरण करने के कमजोर इच्छाशक्ति के कारण बात नही बन पाई है और प्रशासन द्वारा भी संगठन की मांगो को एकदम अनसुना कर दिया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रदेश के 13000 कर्मियों के हड़ताल में जाने के कारण, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से ठप्प पड़ जाएंगी।
प्राइवेट हॉस्पिटल का खर्चा वहन ना कर सकने वाली आम जनता इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी, खासकर पी एच सी, सी एच सी के कोविड सेंटर्स जहां पर यह संविदा कर्मियों का पूरा अमला तैनात है, जिसमे कोविड19 के रोगी का चिन्हांकन करना, उनके सैंपल एकत्रित करना, मैनेजमेंट सर्विलांस कार्य,अस्पताल हस्तांतरण या स्थानांतरण करवाना, कन्टेनमेंट जोन के साथ साथ ओ पी डी/ आईपीडी की सेवाये बुरी तरह से चरमरा जाएंगी।
स्वास्थ विभाग के मिशन संचालक द्वारा एस्मा लगे होने तथा दंडित करने का पत्र भी जारी कर दिया गया है, जिसे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष को प्रेषित किया गया है। और तत्काल घोषित की गई हड़ताल को वापस लेने की चेतावनी भी जारी कर दी गयी है।
राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी और अधिकारी बिल्कुल भी झुकने के मूड में नही दिख रहे है, इसी बीच दो दिवस पूर्व उन्होंने संगठन के पत्र के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जनता को अनिश्चितकालीन हड़ताल से होने वाले तकलीफ के लिए क्षमा याचना भी मांग लिया है।

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