2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कल्याण सिंह की होगी अहम भूमिका

लखनऊ, राजस्थान के राज्यपाल पद का कार्यकाल पूरा करने के बाद कल्याण सिंह अब मुश्किलों  में घिरते नजर आ रहे हैं. बाबरी विध्वंस मामले में राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह को समन जारी करने लिए सीबीआई ने कोर्ट का रुख कर लिया है.

सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह को अयोध्या मामले में तलब करने के लिए सोमवार को स्पेशल जज अयोध्या प्रकरण सीबीआई कोर्ट लखनऊ की अदालत में आवेदन दिया है.

सीबीआई के आवेदन पर 11 सितंबर को सुनवाई होगी. गौरतलब है कि बाबरी विध्वंस के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, महंत नृत्य गोपालदास, साध्वी ऋतंभरा जमानत पर हैं.

गौरतलब है कि राज्यपाल के पद पर रहने के कारण 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह को मुकदमे का सामना करने के लिए बतौर आरोपी बुलाया नहीं जा सकता था. संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत राज्यपालों को संवैधानिक छूट मिली हुई है.

कल्याण सिंह भी राज्यपाल रहते हुए इसी छूट के दायरे में थे. बतौर राज्यपाल, कार्यकाल पूरा करने के बाद कल्याण सिंह ने सोमवार को फिर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ग्रहण कर ली. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने 87 वर्ष की उम्र में फिर से सक्रिय राजनीति में वापसी की है.

माना जा रहा है कि लंबे समय तक पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार रहे कल्याण सिंह ने आगे की भूमिका के लिए खुद को तैयार करना शुरू कर दिया है. वहीं अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कल्याण सिंह एक बड़ी भूमिका में नजर आ सकते हैं.गौरतलब है कि 1992 में उग्र भीड़ ने बाबरी मस्जिद तोड़ दी थी. मस्जिद तोड़े जाने से पहले उससे कुछ ही दूरी पर सभा हुई थी, जिसे आडवाणी ने भी संबोधित किया था. सभा के बाद ही भीड़ ने इस घटना को अंजाम दिया था. मस्जिद तोड़े जाने के बाद देशभर में हुए दंगों में 2000 से अधिक लोग मारे गए थे.

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