एक ओर जहां एयर स्ट्राइक के सबूतों की मांग को लेकर भारत में सियासी घमासान जारी है. वहीं, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अधिकारियों को एयर स्ट्राइक के सबूत नहीं देने का आदेश दिया है. ट्रंप के नए आदेश के मुताबिक अब अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकवादियों, नागरिकों की संख्या को सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं होगी.

बता दें कि हाल ही में 14 फरवरी को भारत के पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए. इसी हमले की जवाबी कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान सीमा में घुसकर आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर 200-300 आतंकी को मार गिराया था.

क्या था ओबामा का आदेश?

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के आदेश के बाद ओबामा शासन का वह आदेश खत्म हो गया है, जिसके अनुसार अधिकारियों को हर साल हमलों की संख्या और इन हमलों में मारे गए युद्धक और गैर-युद्धक मौतों की जानकारी देनी होती थी.

ट्रंप के नए आदेश का मकसद

व्हाइट हाउस का कहना है कि इस आदेश का मकसद अमेरिकी एयर स्ट्राइक्स के कारण हुई मौतों के बारे में पारदर्शिता घटाना नहीं है.

वहीं, सीएनएन से बातचीत में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिकी सरकार सशस्त्र संघर्ष के कानून के तहत जितना संभव हो सके नागरिक मौतों को कम करने और आर्मी ऑपरेशन्स के दौरान अगर दुर्भाग्यवश ऐसा होता है, तो इसके लिए जिम्मेदारी स्वीकार करने का अपना दायित्व निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. प्रशासन ने कहा कि सरकार अनावश्यक रिपोर्टिंग करने की जरूरत को समाप्त करके प्रक्रिया को सही ढंग से करने की मंशा से यह कदम उठा रही है.