बेमेतरा कलेक्टर शिखा राजपूत के खिलाफ जांच का आदेश

 

बेेमेेतरा, आपको बता दें की शिखा राजपूत तिवारी हाल ही में बेमेतरा कलेक्टर बनाई गई हैं ,स्वास्थ्य बीमा, संजीवनी सहायता कोष व आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की शिकायत के बाद स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारीक ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया था। शिकायत में कमीशन के साथ-साथ बीमा भुगतान में पक्षपात और जान बूझकर अड़ंगा लगाने की जैसे आरोप थे, जिसके बाद स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक ने इस पूरे प्रकरण में जांच के आदेश देते हुए 10 दिन के भीतर स्पेशल सिकरेट्री से जांच रिपोर्ट तलब की है।

सूत्र बताते हैं कि आयुष्मान योजना के तहत ऐसे क्लेम जिन्हें रिजेक्ट किया जा चुका था. उन क्लेम का भी भुगतान कर दिया गया. ऐसे रिजेक्टेड क्लेम की संख्या करीब छह हजार बताई जा रही है. स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि विभागीय मंत्री और प्रमुख सचिव की अनुमति के बगैर दिल्ली के सर्वर का पासकोड लेकर रद्द क्लेम का भुगतान कर दिया गया|

आयुष्मान योजना के साथ-साथ स्वास्थ्य बीमा योजना व संजीवनी से जुड़े भुगतान के लिए कमीशन की मांग…. संजीवनी सहायता कोष के पैसे रिलीज में पक्षपात व देरी किये जाने और योजना से अलग किये गये अस्पतालों को दोबारा से योजना में शामिल करने के मुद्दे पर जांच की जायेगी।

जाँच अधिकारी भुवनेश यादव तीन मुख्य बिंदुओं पर जांच करेंगे,हेल्थ डिपार्टमेंट से जारी निर्देश में कहा गया है कि आयुष्मान योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और संजीवनी सहायता कोष से जुड़े भुगतान के लिए क्या अस्पतालों से कमीशन की मांग की गई? क्या अस्पतालों से संजीवनी सहायता कोष भुगतान दिए जाने में भेदभाव किया जा रहा है अथवा भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है? क्या योजना से बाहर किए गए अस्पतालों का पुनः पंजीयन उच्च अधिकारियों के बिना अनुमोदन या अनुमति से संचालनालय स्तर पर ही कर लिया गया है | इन्ही मुद्दों पर यह विभागीय जाँच केंद्रित रहेगी |

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