चार्टर प्लेन लेट से आने की वज़ह से मुख्य मंत्री भूपेश बघेल का उत्तर प्रदेश का दौरा हुआ था रद्द

रायपुर। किराए के चार्ट प्ले से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उत्तरप्रदेश के बनारस जाना था, लेकिन वे उसी प्लेन से दिल्ली चले गए। हुआ यूं कि मुख्यमंत्री ने प्रियंका गांधी के समर्थन में मिर्जापुर जाने के लिए चार्टर प्लेन बुलवाया था, लेकिन प्लेन आने में देर हो गई। मुख्यमंत्री को उत्तरप्रदेश का दौरा रद्द करना पड़ा, इसी बीच दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन की खबर आ गई, तो मुख्यमंत्री उसी प्लेन से शाम को दिल्ली रवाना हो गए।

उत्तरप्रदेश के सोनभद्र में नरसंहार में प्रभावित आदिवासी परिवारों से मिलने के लिए प्रियंका गांधी जा रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें मिर्जापुर में ही रोक लिया गया था। चुनार गेस्ट हाउस में प्रियंका ने रातभर धरना दिया। उनके समर्थन में देशभर के कांग्रेसी नेता मिर्जापुर पहुंचने लगे, तो शनिवार सुबह मुख्यमंत्री बघेल ने भी मिर्जापुर जाने का फैसला लिया। उन्होंने दिनभर का अपना कार्यक्रम रद कर दिया और चार्टर प्लेन की व्यवस्था करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री चार्टर प्लेन से बनारस और वहां से कार से मिर्जापुर जाते।

कांग्रेस के प्रदेश सचिव अजय साहू ने दिल्ली की निजी एविएशन कंपनी से किराए का चार्टर प्लेन भेजने के लिए कहा। बघेल यहां से दोपहर एक बजे रवाना होना चाहते थे, लेकिन प्लेन दिल्ली से दोपहर 1.30 बजे तक नहीं उड़ पाया था। तब तक यह खबर मिल गई कि प्रियंका का धरना खत्म हो गया है और उन्हें सोनभद्र के पीड़ित परिवारों से मिलने दिया गया है। दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री ने उत्तरप्रदेश दौरा रद्द करने के लिए कहा।अजय ने एविएशन कंपनी से बात तो उन्होंने बताया कि चार्टर प्लेन तो उड़ चुका है। दोपहर तीन बजे चार्टर प्लेन रायपुर एयरपोर्ट पहुंचा। चार्टर प्लेन खाली लौटता और उसे किराया भी देना पड़ता, लेकिन शाम करीब चार बजे दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के निधन की सूचना मिली। मुख्यमंत्री ने चार्टर प्लेन को खाली लौटाने के बजाए दिल्ली जाने का निर्णय लिया। शाम छह बजे मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना हो गए।

मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और मीडिया सलाहकार स्र्चिर गर्ग पहले से दिल्ली में थे, इसलिए वे दोनों बनारस रवाना हो गए थे, ताकि वहां से मुख्यमंत्री बघेल के साथ मिर्जापुर जा सकें। दोपहर 3.45 बजे वर्मा और गर्ग बनारस पहुंच चुके थे, तब उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री का आना रद हो गया है। इसके बाद वर्मा और गर्ग बनारस से दिल्ली के लिए निकले।

मुख्यमंत्री बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्री और कांग्रेस के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने शीला दीक्षित के निधन पर शोक जताया है।

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