छत्तीसगढ़ रायपुर के पास रींवा मे विभाग द्वारा हो रही खुदाई में मिला सोने चांदी व अन्य धातु के सिक्के

रायपुर. छत्तीसगढ़ पुरातात्विक विभाग द्वारा रायपुर से सटे रींवा में चल रही खुदाई में हर दिन एक के बाद एक रहस्यों से पर्दा हटते जा रहा है। सोने-चांदी व अन्य धातु के सिक्कों के अलावा यहां अब रिंगवेल और स्तूप मिला है, जिसे पुरातात्विक विशेषज्ञ बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

शासन के पुरातत्व सलाहकार अरूण कुमार शर्मा ने बताया कि रींवा में चल रही खुदाई में लगभग 2 हजार साल पुराना रिंगवेल और स्तूप मिला है। स्तूप में दोनों तरफ रिंगवेल और सीढी भी है, जो यहां की सभ्यता को दर्शाता है। इसके अलावा खुदाई में प्राचीन घरों के ढांचे मिल रहे हैं जो संभवत: दूसरी शताब्दी के हैं। वहीं दो दिनों की खुदाई में 6 सोने के और 7 चांदी के सिक्के मिले हैं। 4 सोने के सिक्के विक्रमादित्य काल के लग रहे हैं, जिसमें दो हाथी के निशान अंकित हैं। इसके अलावा तांबे के कई सिक्के बरामद हुए हैं, जिन्हे संरक्षित रखा गया है। इसका पूरी तरह परीक्षण करना बाकी है। खुदाई के दौरान ग्रामीणों पुरातात्विक अवशेषों को देखते हुए उन्हे मिले सैकड़ों सिक्कों को पुरातात्विक विभाग को सौंपा गया है।

प्राचीन घरों के ढांचे नजर आ रहे हैं
अधिकारियों ने बताया कि रींवा में अभी तक 60 सेमी की खुदाई की जा चुकी है। जिसमें घरों के ढांचे अब नजर आने लगे हैं। जिससे उस समय की संस्कृति और रहन सहन को समझा जा सकता है। खुदाई में मिली कई प्रकार की कलाकृतियां, मिट्टी के लाल और काले रंगे के बर्तनों को भी सहेजकर रखा गया है। अधिकारियों का मानना है कि आगे पूरा स्ट्रक्चर मिलने तक इसकी खुदाई की जाएगी। जिसमें अभी और भी रहस्यों से पर्दा उठेगा।

छत्तीसगढ़ शासन के पुरातात्विक सलाहकार अरूण कुमार शर्मा ने बताया कि खुदाई में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि यहां मिले स्तूप और रिंगवेल हैं। जिसकी अवधि भी लगभग 2000 साल के आसपास की है। दो दिनों की खुदाई में अभी तक 6 सोने और 6 चांदी के सिक्के मिले हैं। इसके अलावा सैकड़ों तांबे व अन्य धातु के सिक्के मिले हैं।

संस्कृति विभाग संचालक अनिल कुमार साहू ने बताया कि रींवा में खुदाई के दौरान सिक्के, स्तूप व रिंगवेल मिलने की जानकारी मिली हैं। विभागिय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सारे पुरावशेषों को एकत्रित कर सुरक्षित स्थलों पर रखा जाए। जिस तरह यहां संस्कृति और सभ्यता का पता चला है। आगे भी संभावनाओं

SHARE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *