डेंगू नियन्त्रण अभियान पहुंच रहा समाज के हर तबके तक

 

रायपुर। नगर पालिक निगम व रायपुर स्मार्ट सिटी के संयुक्त तत्वावधान में संचालित डेंगू नियंत्रण महाभियान के अंतर्गत आज एन.एस.एस., स्माईल द हैल्पिंग हैंड्स, पाॅजिटिव इंडिया व जगन्नाथ अस्पताल की टीमों ने मिलकर अभियान को संचालित किया।
रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल के निर्देशानुसार राजधानी रायपुर में संचालित इस महाभियान के तहत लोगों में व्यापक पैमाने पर जागरुकता फैलाई जा रही है। डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथिक क्लीनिक व महाराष्ट्र मंडल के सहयोग से आज दोपहर 2ः30 बजे से 3ः30 बजे तक महाराष्ट्र मंडल द्वारा आयोजित स्कूली बच्चों की प्रतियोगिता में डेंगू के प्रति जागरूकता, उसके बचाव व लक्षण के विषय में श्री त्रिवेदी ने डेंगू के बचावों के बारे में विद्यार्थियों को समझाइश देते हुए बताया कि किस तरह साफ पानी का जमावड़ा चाहे वह कही पर भी हो डेंगू के पनपने के लिए आसान साबित हो सकता है। विभिन्न स्कूलों के लगभग 200 बच्चें, उनके पेरेंट्स व स्कूलो के टीचर्स को डेंगू के लक्षण, बचाव के उपाय समझाकर लगभग 260 होम्योपैथी की प्रतिरोधक दवाइयों की शीशी वितरित की गई। डेंगू के खिलाफ जनजागरण अभियान में मुख्यरूप से महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष श्री अजय काले, सचिव चेतन दंडवत, दीपक किरवई ,सांस्कृतिक प्रभारी राकेश देशमुख व सदस्य उपस्थित थे।
इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एन.एस.एस. दुर्गा काॅलेज की प्रोग्राम अधिकारी श्रीमती सुनीता चंदसोरिया द्वारा मठपारा स्थित शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय में इस अभियान को चलाया गया। जिसमें उपस्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. अशोक त्रिपाठी व डाॅ. मखीजा ने छात्राओं से डेंगू के प्रति अपने विचारों का आदान-प्रदान करते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डेंगू की बीमारी तीन चरणों में होती है, पहला चरण मरीज को इस भ्रम में रखता है कि उसे सिर्फ बुखार व बैचेनी है, दूसरा चरण मरीज को जोड़ों में भारी दर्द, आँखों की पुतलियों में दर्द, रक्त कोशिकाओं में गिरावट इसी तरह तीसरा चरण में इस देश में डेंगू के मरीजों में सिर्फ 2 प्रतिशत ही पहुंच पाते है, जिसमें मरीज की रक्त कोशिकाओं में प्लेटलेट्स की संख्या 12,000 से नीचे आ जाती है और उसे अस्पताल में भर्ती करना व किसी बाहरी रक्तदाता से प्लेटलेट्स अपने शरीर में स्थानांतरित कराना अतआवश्यक हो जाता है। उन्होंने छात्राओं से अनुरोध किया कि फूल आस्तिन कपड़े पहनकर, रात में मच्छरदानी का उपयोग कर, शरीर में कपूर मिश्रित नारियल तेल के इस्तेमाल से व अपने घरेलु वातावरण के आस-पास में स्वच्छ पानी का जमावड़ा न होने देने से किस तरह इस बीमारी से 70 प्रतिशत तक सुरक्षा संभावित हो जाती है। कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. अरुणा पल्टा ने कमिश्नर श्री बंसल द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की प्रशंसा की व काॅलेज द्वारा हर संभव मदद प्रदान करे।

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