महाराष्ट्र में लग सकता है राष्ट्रपति शासन कांग्रेस अपने विधायकों की कर रही रखवाली

मुंबई, जेएनएन. महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को खत्म हो रहा है, मगर अभी तक सरकार बनाने के लिए किसी भी सियासी दल ने अपनी दावेदारी नहीं की है। ऐसे में अब यहां राष्ट्रपति शासन के आसार बन रहे हैं। गौरतलब है कि जब किसी राज्य में कोई भी सियासी दल अपना बहुमत नहीं साबित कर पाता है तो राज्यपाल वहां पर राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करते हैं।

महाराष्ट्र में भाजपा दोनों फॉर्मूले आजमा चुकी है। 2014 में शिवसेना से अलग होकर लड़ चुकी है और सरकार बना चुकी है। 2019 में साथ लड़कर उलझ चुकी है। पिछले कई वर्षों में शिवसेना के साथ जिस तरह के रिश्ते रहे हैं, उसमें यह भी साफ हो गया है कि इस दोस्ती में विश्वसनीयता और सम्मान जीरो है। ऐसे में महाराष्ट्र में हिंदुत्व के नाम भी ये दोनों दल दिल से एक हो पाएंगे इसकी संभावना बहुत कम है।

लंबे अरसे तक शिवसेना महाराष्ट्र में बड़े भाई की भूमिका में रही, जिसे 2014 और फिर 2019 में भाजपा ने ध्वस्त किया। मुख्यमंत्री पद हासिल कर शिवसेना फिर से बड़े भाई की भूमिका में आना चाहती थी, जिसे भाजपा ने नकार दिया।महाराष्ट्र में सियासी गर्मा-गर्मी के बीच शिवसेना के बाद अब कांग्रेस को भी विधायकों के खरीद-फरोख्त का डर सता रहा है। इसी कारण उसने अपने विधायकों को जयपुर में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार शाम तक महाराष्ट्र के 11 विधायक जयपुर पहुंच चुके थे। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के महासचिव महेश शर्मा ने 11 विधायकों के पहुंचने की बात स्वीकारी है।महाराष्ट्र में नई सरकार बनने का रास्ता साफ नहीं होता देख राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपने पद से इस्तीफा देने वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को वैकल्पिक व्यवस्था होने तक कार्यभार संभालने के लिए कार्यवाहक मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंप दी है। लेकिन यह व्यवस्था अधिक दिनों तक नहीं चलाई जा सकती। राज्यपाल के पास पहला विकल्प सबसे बड़े दल या चुनाव पूर्व गठबंधन को अवसर देने का है। फड़नवीस के मुताबिक, वैकल्पिक व्यवस्था कुछ भी हो सकती है। एक नई सरकार बने या राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।वहीं, कड़वाहटों के बावजूद शिवसेना-भाजपा दोनों ने गठबंधन तोड़ने की घोषणा नहीं की है। भाजपा और शिवसेना के नेता सिर्फ अपने अहं पर अड़े दिख रहे हैं।जयपुर में रखे गए विधायकों की निगरानी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे कर रहे हैं। अविनाश पांडे ने कहा कि मुंबई में विधायकों को प्रलोभन देने के साथ ही डराया-धमकाया जा रहा है। भाजपा विपक्ष के विधायकों पर दबाव डाल रही है। भाजपा तोड़फोड़ में जुटी है।

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