जिन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रधानमंत्री ने सम्पूर्ण देश में तालियां बजवाकर मनोबल बढाया, मध्यप्रदेश सरकार उन्हें ईनाम में 3 महीने का अनुबंध का दे रही, बिना इन्श्योरेन्स के काम कर रहे NHM के कर्मचारी, नौकरी मे भी आफत

 

भोपल।  हमेशा की भान्ति इस समय  भी प्रदेश के 19000 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भी आगे आकर  तत्परता बिना किसी बीमा,सुरक्षा,पेंशन ,अनुकम्पा जैसी सुविधाओं के आधे वेतन में बहुत अहम भूमिका निभा रहा है । उसके बावजूद ऐसा आदेश एनएचएम से हो रहे। और दूसरे आदेश में संविदा स्वास्थ्य के अमले का फिर से 3 महीने मात्र का अनुबंध बढाने का काम एनएचएम भोपाल द्वारा किया गया और ये भी लिखा गया कि अगर किसी के ऊपर अनुशासनात्मक कार्यवाही गतिशील है तो उसका भी अनुबंध न बढाया जाए यानी सेवा समाप्त,मतलब जिसकी जांच भी अभी नही हुई है उसकी भी सेवा समाप्त, ऐसे सैकड़ो कर्मचारी होंगे जिन्हें कोई अनुशासनात्मक नोटिस मिला होगा या कार्यवाही लंबित होगी वो सही है या गलत इससे किसी को मतलब नही,अनुबंध नही बढ़ाया जाएगा और बाकी जो जान जोखिम में डालकर कोरोना से युद्ध लड़ रहे उन्हें उपहार स्वरूप 3 महीने का अनुबंध दिया गया।
3 माह ही तो पूरे देश प्रदेश की जनता के लिए प्रमुख है और हम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए भी उतनी प्रमुख।

जिन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रधानमंत्री जी ने सम्पूर्ण देश में तालियां बजवाकर मनोबल बढाया,मध्यप्रदेश सरकार उन्हें ईनाम में 3 महीने का अनुबंध का ईनाम दे रही ।

एक तरफ मोदी जी केंद्र और राज्य सरकार द्वारा,भाजपा द्वारा गरीबों को भोजन कराया जा रहा तो दूसरी ओर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों थाली छीनने का आदेश स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम ने जारी कर दिया ! संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्य प्रदेश  के  प्रांतअध्यक्ष सौरव सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान  , प्रमुख सचिव तथा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपील की है कि एनएचएम में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों का भी इंश्योरेंस  किया जाए साथ ही इस तरह की स्थिरता ना निर्मित की जाए जिससे कि कर्मचारियो का मनोबल कमजोर हो।

 

एक आदेश ये है जिसमें सिंगोरौली जिले की उन 28 संविदा एएनएम की सेवा समाप्त कर दी गई जो इस समय कोरोना संक्रमण मे महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। इससे पुरे विभाग मे हडकम्प मच गया है ।

 

लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं मध्य प्रदेश के संविदा स्वास्थ्य कर्मी-  मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के पुर्व शिवराज सिंह सरकार ने वर्ष 2018 के जून माह में मध्यप्रदेश के NHM के

आतर्गत कार्य करने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के 90 परसेंट वेतन देने का आदेश जारी किया था ।लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और एनएचएम की हठधर्मिता के कारण आज तक nhm में कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के 90% वेतन का भुगतान नहीं किया गया। अब इस घोर महामारी में भी संविदा कर्मचारियों को अनुबंध तथा निकालने का आदेश जारी होने से पूरे मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

 

डेढ़ साल की सरकार में कमलनाथ सरकार ने भी नहीं किया संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण-

मध्यप्रदेश में गंगाजल की सौगंध लेकर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में भी संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का कोई ऐलान नहीं किया इसके पूर्व लगातार भाजपा में सत्ता में काबिज रहने पर शिवराज सिंह ने भी संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं किया था जिसके कारण मध्य प्रदेश के कर्मचारी वर्ग में काफी रोष था और उन्हें सत्ता गंवानी पड़ी!  अब एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान सत्ता में मौजूद है लेकिन बेबस कर्मचारी पुनः डंडे की मार और झूठ की राजनीति के शिकार हो रहे हैं!

 

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