पीएम मोदी ने भारत की जनता को समर्पित किया सोल शांति पुरस्कार

नई दिल्ली । p m मोदी जी ने कहा कोरिया की तरह ही भारत ने भी विभाजन का दर्द सहा है और सीमा पर तनाव का सामना कर रहा है. सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों के चलते शांतिपूर्ण विकास की हमारी कोशिशों को अक्सर नुकसान पहुंचता है. अब वक्त आ गया है कि सभी देश एकजुट होकर आतंकवाद का जड़ से सफाया करने की दिशा में कदम उठाएं. ऐसा करने पर ही हम नफरत को सौहार्द से, बर्बादी को विकास से बदल सकते हैं- पीएम मोदीभारत के सफलता की कहानी सिर्फ भारतीयों के लिए नहीं पूरी दुनिया के लिए अच्छी है. हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जो परस्पर जुड़ी हुई है. भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एक जिम्मेदार सदस्य है. भारत जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है- पीएम मोदीसोल शांति पुरस्कार की शुरुआत 1988 में सोल में आयोजित 24वें समर ओलंपिक्स के सफल आयोजन को यादगार बनाने के लिए की गई थी. वह ओलिंपिक महात्मा गांधी की जयंती के दिन समाप्त हुआ था. उस गेम्स में कोरियाई संस्कृति, यहां के आतिथ्य की गर्मजोशी और कोरियाई अर्थव्यवस्था की सफलता की झलक देखने को मिली थी. सोल ओलंपिक के कुछ हफ्तों पहले ही अल-कायदा का गठन हुआ था. आज आतंकवाद ने वैश्विक रूप ले लिया है और वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका हैः पीएम मोदीमैं मानता हूं कि यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं है, भारत की जनता का है. भारत ने पिछले पांच साल में जो सफलता हासिल की है वह देश की जनता के उम्मीदों, उनकी प्रेरणा और उनकी कोशिशों का नतीजा है. मैं अपने देश की जनता की तरफ से यह सम्मान ग्रहण कर रहा हूं. मैं इस अवॉर्ड को अपने देश की सवा सौ करोड़ जनता को समर्पित करता हूं कि उन्होंने मुझे अपनी सेवा करने का अवसर दिया. यह मेरे लिए गर्व की बात है कि यह अवॉर्ड महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष में मुझे यह सम्मान दिया जा रहा हैः

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