प्रियंका गांधी इलाहाबाद से जिस नाँव से बनारस तक सफ़र किया उस नाँव को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जला दिया गया

वाराणसी. बड़ी खबर आ रही है कि पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि अपनी चुनावी गंगा यात्रा के दौरान प्रियंका गांधी ने बनारस में जिस नाव की सवारी की थी उसे भाजपा कार्यकर्ताओं ने जला दिया। जलाई गई नाव मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद निषाद ‘गुरु’ की बताई जा रही है। इतना ही नहीं शुक्रवार और शनिवार की रात दो नावों को तोड कर उनकी कीमती लकड़ी चोरी करने का भी दावा कर इसे उसी घटना के क्रम में जोड़ा जा रही है। पत्रिका ने सोशल मीडिया पर वायरल इस खबर की हकीकत जानने की कोशिश की। इस कड़ी में मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के पदाधिकारियों से बात की गई। जानिये क्या है सच्चाई।

कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी 18 मार्च को प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा यात्रा पर थीं। यात्रा के अंतिम पड़ाव पर वह 20 मार्च को बनारस आई थीं। बनारस में रामनगर से वह नाव से अस्सी घाट आई थीं। यहां उन्हें मल्लाह समाज के लोगों से मिलने का कार्यक्रम तय था। वह मिली भीं। मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के पदाधिकारियों ने प्रियंका गांधी से बात की और उन्हें पत्रक भी सौंपा। उसी रात गंगा पार एक नाव जला दी गई। उसके बाद सोशल मीडिया पर एक जली हुई नाव की फोटो डालकर ये दावा किया जाना लगा कि इसे बीजेपी कार्य़कर्ताओं ने जला दिया है।

अभी ये तस्वीरें वायरल हो ही रही थी कि दो दिन बाद शुक्रवार की रात भी इसी क्रम में दो और नावें तोड़ दिये जाने का दावा सोशल मीडिया पर किया जाने लगा। इसका आरोप भी भाजपा कार्य़कर्ताओं पर ही लगाया जा रहा है। जो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फोटो और दावे के बाबत मिडिया  ने मां गंगा निषाद राज सेवा समिति के सचिव हरिश्चंद्र बिंद से बात की। बिंद ने बताया कि कुछ लोगों ने उनके भाई व समिति के अध्यक्ष विनोद निषाद गुरु की एक नाव को होलिका वाली रात जला दिया। फिर दो दिन बाद दो नावों में तोड़-फोड़ कर उनकी कीमती लकड़ी चोरी कर ली गई। हालांकि बिंद ने स्पष्ट किया कि जलाई गई नाव या जिन दो नावों में तोड़-फोड़ की गई है उसका प्रियंका गांधी की नौका यात्रा से कोई ताल्लुक नहीं है। प्रियंका के लिए रामनगर से नाव की गई थी। हम केवल अस्सी पर उनसे मिले थे। यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा के लोगों ने नाव जलाई, जवाब मिला कि हमने जब देखा नहीं तो कैसे कहें। नाव जलाने और तोड़ फोड़ की बाबत पुलिस थाने में शिकायत के बाबत पूछे जाने पर कहा कि शनिवार को ही हम लोग एसएसपी से मिलने गए थे पर मुलाकात नहीं हो सकी। अब सोमवार को जाएंगे।

 

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