पुलवामा हमले में मारे गये जवानों को शहीद का दर्जा देने के लिए कोई ब्यवस्था नहीं

नई दिल्ली, प्रेट्र। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मारे गए सीआरपीएफ कर्मियों को शहीद का दर्जा देने की कोई आधिकारिक व्यवस्था नहीं है। सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि गृह मंत्रालय ने कार्रवाई के दौरान मारे गए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और असम राइफल्स (एआर) कर्मियों के परिजनों को ‘ऑपरेशनल कैजुअलटी सर्टिफिकेट’ जारी करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले में मारे गए 40 सीआरपीएफ कर्मियों में से 39 के मामले में ‘ऑपरेशनल कैजुअलटी सर्टिफिकेट’ जारी कर दिए गए हैं। उत्तराधिकार से संबंधित मामला अदालत के विचाराधीन होने की वजह से एक मामले में सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जा सका है।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने राज्यसभा में बताया कि पुलवामा हमले के बाद से सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में 93 आतंकियों को मार गिराया है। उन्होंने बताया कि 2018 के पहले छह महीनों के मुकाबले इस साल के शुरुआती छह महीनों में आतंकी घटनाओं में 28 फीसद और घुसपैठ की घटनाओं में 43 फीसद की कमी आई है, जबकि मारे गए आतंकियों की संख्या में 22 फीसद की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पुलवामा हमले की एनआइए जांच में साजिशकर्ता, उसके साथी और वाहन मालिक की पहचान के बाद उन्हें मार गिराया गया है।

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