आरबीआई की रिपोर्ट ने किया खुलासा, नोटबंदी और GST से छोटे व्यापारियों को लगा बड़ा झटका

नई दिल्ली – देश में लगभग दो साल पहले नोटबंदी और उसके एक साल बाद लागू जीएसटी ने देश के मध्यम और लघु उद्योगों की कमर तोड़ दी है. नोटबंदी लागू होने के दो साल बाद भी देश का सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) सेक्टर अब तक इसके असर से पूरी तरह से ऊबर नहीं पाया है. नोटबंदी के बाद जीएसटी ने तो इस सेक्टर की हालत और खराब कर दी है.

यह खुलासा भारतीय रिजर्व बैंक की एक स्टडी से हुआ है.आरबीआई की एक स्टडी के अनुसार, बीते दिनों देश में एमएसएमई सेक्टर को लगे नोटबंदी और जीएसटी के दो बड़े झटकों की वजह से वस्त्र उद्योग और रत्न और आभूषण सेक्टर जैसे उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार इन सेक्टर में काम करने वालों को वेतन नहीं मिल पा रहा है.

नोटबंदी के बाद जीएसटी के आने से एमएसएमई वर्ग के उद्योगों में लागत काफी बढ़ गई है. यही नहीं, जीएसटी के आने से एमएसएमई सेक्टर के ज्यादातर उद्योग कर के दायरे में आ गए हैं. जो पहले कर दायरे से बाहर थे.बता दें कि देश में एमएसएमई सेक्टर के करीब 6 करोड़ 30 लाख उद्योगों में देश के 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है. यही नहीं, देश की जीडीपी में भी एमएसएमई सेक्टर का 30 प्रतिशत योगदान है.

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