एकमात्र वाइल्ड लाइफ ट्रेंड अफसर डॉ एस के सिंह को हटाकर भाजपा सरकार मे मालाई खाये अफसर अरूण पान्डे की पोस्टिंग वन विभाग के गले की फांस बनी- एक और हाथी की दर्दनाक मौत

रायपुर । छतीसगढ वन विभाग अपने काम – काज के लिये कम चर्चित है ट्रांसफर पोस्टिंग के लिये अति ख्यात हो रहा है। छत्तिसगढ़ के कोरबा जिले मे एक और हाथी की दर्दनाक मौत हो गई । प्रदेश मे लगातार हो रहे हाथियों की मौत से विभाग की पोल परत दर परत खुलने लगी है वन विभाग में सैकड़ों की संख्या में आईएफएस अफसर मौजूद थे लेकिन विभाग के द्वारा कई जिलों में प्रभारी डीएफओ नियुक्त किया गया था।  तथा आईएफएस अफसरों को लूप लाइन में बिठाया गया।  इसके पीछे ट्रांसफर पोस्टिंग की खेल की आशंका की परत बाज़ार मे खुलने लगी तथा आईएफएस लाबी मे नाराजगी होने लगी तो कुछ लोगो को पोस्टिंग देकर चुप कर दिया गया ।

अब लगातार 8 हाथियों के मौत के बाद एक बडी परत खुलकर सामने आ रही है। भाजपा सरकार मे कई वर्षों तक मालाई खाये  आईएफएस अफसर अरूण पान्डे को एडिसनल पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ बनाया गया है। हैरत की बात  तो यह है की अरूण पानडे को वाइल्ड लाइफ का कोई  अनुभव नहीं है ।वही सबसे ज्यादा हैरत करने वाली बात यह है कि अरुण पांडे की पोस्टिंग छत्तीसगढ़ प्रदेश में एकमात्र वाइल्ड लाइफ ट्रेंड अफसर  डॉ एस के सिंह को हटाकर किया गया है । आपको जानकारी दे दे किि छत्तीसगढ़ प्रदेश मेंं एकमात्र wildlife  के ट्रेंड अफसर डॉ एस के  सिंह हैं। फिर भी  वन विभाग केेेे द्वारा उन्हें  लूपलाईन मे डालकर अरूण पाण्डे  को एडिशनल पीसीसीएफ  (वन्य-जीव) बना दिया गया। अरुण पांडे के एडिशनल पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ बनने के बाद से लगातार प्रदेश में हो रही हाथियों की मौत के बाद अब वन विभाग के अंदरखाने में यह बात उठने लगी है कि आखिर ट्रांसफर पोस्टिंग के खेल में क्या वन्य प्राणी ऐसे ही मरते रहेंगे। और वन विभाग अपने ट्रेंड अफसरों को लूप लाइन ड़लकर रखेेेगा। सूत्रों की माने तो पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी और अरुण पांडे मे भी जम नहीं रही है। अरुण पांडे की पोस्टिंग अरण्य भवन में होने के बाद पीसीसीएफ  राकेेेश चतुर्वेदी को खबर लगी।

फॉरेस्ट विभाग के जानकार व्यक्तियों की माने तो अतुल शुक्ला  (पूर्व पीसीसीएफ वन्यजीव  )की रवानगी अरुण पांडे की पोस्टिंग के साथ ही तय कर दी गई थी। इसके लिए सही समय का तलाश किया जा रहा था । वही पीसीसीएफ राकेश चतुर्वेदी अतुल शुक्ला के ट्रांसफर से नाखुश थे।  बाहरहाल इस हाथी की मौत ने प्रदेश को एक बार फिर से झकझोर दिया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश में विगत एक माह में 8 हाथियों की मौत हो चुकी है कोरबा जिले में 25 दिन पहले एक हाथी किसी घर में गिर गया था जिसका विगत 24 दिनों से कोरबा बनमंडल में उपचार चल रहा था हैरत करने वाली बात यह है कि कोरबा वन मंडल के DFO को इन 25 दिनों में यह भी जानकारी नहीं थी कि आखिर हाथी को क्या बीमारी हुई है!  और वह मीडिया के सवालों से बचते रहे । लेकिन वायरल हुए हाथी के दर्दनाक वीडियो ने हिला कर रख दिया है । वीडियो में हाथी का पूरा शरीर सड़ा हुआ दिखाई दे रहा है ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

SHARE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *