लोकसभा चुनाव का बज चुका नगाड़ा सोनिया गांधी टीम मेम्बर एक-एक कर छोड़ रहे कांग्रेस का दामन

 

लोकसभा चुनाव का नगाड़ा बज चुका है. योद्धाओं ने कमर कस ली है. विपक्ष की मुख्य पार्टी कांग्रेस ने बीड़ा उठा लिया है कि अबकी बार मोदी को सरकार से बाहर करना है. इसके लिए कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मोर्चा थाम लिया है, लेकिन दंगल का नगाड़ा बजते ही कांग्रेस के खेमे में भागम भाग मच गई है. राहुल गांधी के हाथ का साथ छोड़कर एक के बाद एक नेता जा रहे हैं.
उत्तर भारत से दक्षिण भारत तक कांग्रेस नेता राहुल गांधी का दामन छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. अब तक 6 राज्यों में 17 बड़े नेता कांग्रेस का साथ छोड़कर भगवा ब्रिगेड में शामिल हो गए हैं. इनके अलावा कई और छोटे नेता पार्टी छोड़ चुके हैं. अटकलें हैं कि आने वाले दिनों कई पुराने कांग्रेसी बीजेपी में शामिल हो सकते है,
एक तरफ जहां पार्टी आलाकमान चुनाव जीतने के लिए महागठबंधन संग जोड़-तोड़ में लगा है, वहीं उसके अनुभवी नेता टूट-टूटकर अलग हो रहे हैं. कांग्रेस छोड़ने वालों में सबसे बड़ा नाम हैं टॉम वडक्कन. कांग्रेस पार्टी के महासचिव और प्रवक्ता रहे टॉम वडक्कन ने बीजेपी से नाता जोड़ लिया और हवाला दिया कि सेना के अपमान से वो आहत थे. भाजपा में शामिल हुए टॉम वडक्कन को लेकर अगले ही दिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांंधी ने बड़ा बयान दिया. राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ में इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इस बात को नकार दिया कि टॉम वडक्कन के बीजेपी में जाने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है .
असम में कांग्रेस के पूर्व मंत्री रहे गौतम रॉय, कांग्रेस के पूर्व सांसद किरिप चालिहा, सिलचर से कांग्रेस विधायक रहे गौतम रॉय.
इसी तरह महाराष्ट्र में भी कांग्रेस को झटका लगा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे सुजय विखे पाटिल भी 12 मार्च को भाजपा में शामिल हो गए. राधाकृष्ण विखे पाटिल महाराष्ट्र विधानसबा में विपक्ष के नेता भी हैं.
मोदी शाह का गढ़ कहे जाने वाले गुजरात में भी कई कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. एक तरफ कांग्रेस गुजरात में हार्दिक पटेल को साथ लाकर लोकसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के प्रयास में जुटी है, दूसरी तरफ पार्टी के नेता लगातार उनका साथ छोड़ रहे हैं.जामनगर के विधायक वल्लभ धारविया भाजपा में शामिल हो गए हैं. जनवरी से अब तक पांच कांग्रेस विधायक गुजरात में कांग्रेस का साथ छोड़ चुके हैं.हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस के नेता डॉ. उमेश जाधव भाजपा में शामिल हुए हैं. पिछले 10 दिनों में तेलंगाना के 19 कांग्रेस विधायकों में से चार TRS में जा चुके हैं.

इतने नेताओं के जाने के बाद सवाल ये उठने लगा है कि कांग्रेस में प्रियंका गांधी आई लेकिन भगदड़ वो भी नहीं रोक पाई. इस भागम भाग के पीछे दो वजहें हैं हो सकती हैं. या तो कांग्रेस नेताओं को लगने लगा है कि इस बार भी कांग्रेस से चुनाव लड़कर कोई फायदा नहीं होने वाला या फिर ये कि इन नेताओं को राहुल गांधी के नेतृत्व में उतनी तरजीह नहीं मिल रही थी जितनी सोनिया गांधी के नेतृत्व में. हाल फिलहाल में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं में ऐसे कई नेता भी शामिल हैं जो सोनिया गांधी की टीम का हिस्सा थे.

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